छत्तीसगढ़ कलमकार मंच की काव्य-गोष्ठी में 3 पुस्तकों का विमोचन सम्पन्न, देखिए खास खबर…..


विजय कुमार देशलहरे संवाद समृद्धि पथ :- 20 सितम्बर 2026 को कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क बिलासपुर में राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान एवं राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार प्राप्त समिति- छत्तीसगढ़ कलमकार मंच मस्तूरी के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन, काव्य-गोष्ठी एवं साहित्यकारों के सम्मान समारोह का सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कलमकारों की टीम द्वारा कानन पेंडारी जंगल सफारी का भ्रमण किया गया।

प्राकृतिक सुषमा से परिपूर्ण कानन में सेड के नीचे जहॉं पर्याप्त संख्या में कुर्सियाँ लगी हुई थीं, वहाँ पर काव्य-गोष्ठी, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के उद्घोषक की कमान सम्हालते हुए नवागढ़-बेमेतरा से पधारे विख्यात गायक- कवि जुगेश बंजारे धीरज द्वारा शेर की रोमांचित करने वाली दहाड़ के बीच सर्वप्रथम बिलासपुर, बेमेतरा, रायपुर, मुंगेली, जांजगीर, कोरबा, बलौदाबाजार इत्यादि जिलों से पधारे हुए कलमकारों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत कराया गया। तत्पश्चात सभी कलमकारों एवं दर्शकगणों को ससम्मान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया।
इसके पश्चात करतल ध्वनि के बीच तीन पुस्तकों का विमोचन किया गया। सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के तत्वावधान में प्रकाशित डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति द्वारा सम्पादित एवं श्री सुरजीत द्वारा संकलित पुस्तक- “धरोहर” राष्ट्रीय साझा संकलन (231 पृष्ठ) का विमोचन हुआ। इस पुस्तक में 56 कलमकारों के जीवन परिचय एवं उनकी श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन हैं। तत्पश्चात डॉ. किशन की 2 कृतियों क्रमशः बचपन (बाल कविता-गीत संग्रह), एवं पथ की पहचान (काव्य संग्रह) का विमोचन किया गया। यह उनकी क्रमशः 82वीं एवं 83वीं कृति है।

कार्यक्रम को गति देते हुए छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति ने उपस्थित कलमकारों का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने साझा संकलन में शामिल कलमकारों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के तत्वावधान में आज 3 पुस्तकों का विमोचन सम्पन्न हुआ है, जो अत्यन्त हर्ष का विषय है। इसे मिलाकर मंच के बेनर तले विमोचित पुस्तकों की संख्या 87 हो गई है, जो किसी भी साहित्यिक समिति द्वारा सवा चार वर्ष के अन्दर विमोचित पुस्तकों के मामले में एक नया कीर्तिमान है। इसके अलावा आज 57 साहित्यकारों को “साहित्य गौरव सम्मान 2026” का सम्मानपत्र, मेडल एवं पुस्तक प्रदान किये गये । इसे मिलाकर छत्तीसगढ़ कलमकार मंच द्वारा सम्मानित होने वाले कलमकारों की संख्या 1601 हो गई है। यह छत्तीसगढ़ कलमकार मंच का 28वाँ आयोजन है, जो हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है।
यह कार्यक्रम डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति के मुख्य आतिथ्य, डॉ. गोवर्धन साहेब की अध्यक्षता एवं डॉ. गुलाबचंद कुसुम प्राचार्य खरौद कॉलेज, डॉ. प्यारेलाल आदिले प्राचार्य कटघोरा कॉलेज एवं शिवदत्त बंजारे सामाजिक कार्यकर्ता के विशिष्ट आतिथ्य में सम्पन्न हुआ।
इसके पश्चात उपस्थित कवियों द्वारा अपनी मनभावन रचनाओं की प्रस्तुति दी गई। मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कानन पेंडारी के भ्रमण में आये लोग राह से गुजरते समय काव्य पाठ के दौरान वहाँ रुककर आनन्द लेते रहे। काव्य पाठ पूर्ण होने पर सभी साहित्यकारों को मेडल पहनाकर सम्मानपत्र एवं पुस्तकें प्रदान की गईं। अतिथियों ने प्रेरक उद्बोधन देते हुए कलमकारों का मार्गदर्शन किए।
कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर, बेमेतरा, रायपुर, मुंगेली, जांजगीर, कोरबा, रायगढ़ एवं बलौदाबाजार जिले के साहित्यकार उपस्थित रहे। इनमें उपाध्यक्ष जुगेश बंजारे धीरज, कोषाध्यक्ष बेदराम जाटवर वेदांज, सचिव नवीन कुमार कुर्रे, विजय कुमार कोशले सेवानिवृत्त डिप्टी कलेक्टर, राजेन्द्र कश्यप पूर्व प्रशासनिक अधिकारी, चतुर सिंह चंचल, लेखक सुरजीत, महेन्द्र खूँटे माही रायपुर, मनोज समदिल, बुंदराम जांगड़े, कार्तिक पुराण घृतलहरे, श्रीमती विनीता दिनेश गेंदले, सुश्री नीतेश्वरी सूर्यवंशी, ऐन प्रसाद घृतलहरे, मोहन दास सत्ऋषु, डॉ. दानिया प्रसाद, रोहित गुमा, दिनेश गेंदले, तथा बाल-वृन्द बड़ी संख्या में शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जुगेश बंजारे धीरज द्वारा किया गया। अन्त में आभार प्रदर्शन पश्चात कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।

