Chhattisgarh

महंगाई की मार,बतौली में दूध विक्रेताओं ने बढ़ाए दूध के दाम,अब गाय का दूध ₹60 और भैंस का दूध ₹70 प्रति लीटर दूध विक्रेताओं की बैठक में लिया गया सामूहिक निर्णय,पनीर का रेट भी बढ़ाकर ₹400 प्रति किलो किया गया, निर्धारित कीमत से कम में दूध बेचने वालों पर ₹5,000 जुर्माने की बात , देखिए खास खबर…

सरगुजा:-लगातार बढ़ती महंगाई का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों के सामानों के दाम बढ़ने के बाद अब दूध की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी गई है। सरगुजा जिले के बतौली में स्थानीय दूध विक्रेताओं ने बैठक आयोजित कर दूध एवं पनीर के नए दाम निर्धारित करने का फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद अब क्षेत्र में गाय का दूध ₹60 प्रति लीटर और भैंस का दूध ₹70 प्रति लीटर की दर से बेचा जाएगा। वहीं पनीर की कीमत ₹400 प्रति किलो निर्धारित की गई है।जानकारी के अनुसार, बुधवार को बतौली में क्षेत्र के दूध विक्रेताओं की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में दूध के बढ़ते उत्पादन खर्च और पशुओं के आहार की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दूध विक्रेताओं का कहना है कि गाय और भैंस के लिए चारा, खली, पशु आहार तथा अन्य जरूरी सामग्री के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में पुराने रेट पर दूध बेचना उनके लिए आर्थिक रूप से मुश्किल होता जा रहा है। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सभी ने दूध की कीमतों में ₹10 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया।बैठक में ₹5,000 जुर्माने की भी हुई चर्चा बैठक में यह भी निर्णय लेने की बात सामने आई है कि निर्धारित दर से कम कीमत पर दूध बेचने वाले विक्रेता पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, इस तरह के जुर्माने की कानूनी वैधता और इसे लागू करने के अधिकार को लेकर संबंधित विभाग की पुष्टि आवश्यक है।बैठक में ये दूध विक्रेता रहे उपस्थित इस बैठक में अमृत लाल यादव, डोमन यादव, पारस यादव, जगदीश यादव, विकास यादव, बलिराम यादव, मोहन यादव, मोतीराम यादव, जग रोजन यादव, रूप नारायण यादव, लक्ष्मी गुप्ता, महावीर यादव एवं हरि प्रसाद यादव सहित क्षेत्र के अन्य दूध विक्रेता उपस्थित रहे।आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा असर दूध के दामों में बढ़ोतरी का सीधा असर अब आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ने वाला है। खासकर छोटे बच्चों वाले परिवारों,चाय-नाश्ते की दुकानों, मिठाई कारोबारियों और प्रतिदिन दूध खरीदने वाले उपभोक्ताओं को अब पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।दूध विक्रेताओं का कहना है कि पशुओं के रखरखाव और आहार पर होने वाले खर्च में लगातार वृद्धि हो रही है। इसलिए दूध की कीमतों में बढ़ोतरी करना उनकी मजबूरी बन गई है।अब देखना होगा कि दूध के नए रेट लागू होने के बाद बतौली क्षेत्र के उपभोक्ता इस फैसले को किस तरह लेते हैं और क्या संबंधित विभाग इस सामूहिक मूल्य निर्धारण एवं जुर्माने के फैसले पर कोई संज्ञान लेता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button