Chhattisgarh

बिल्हा रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए देशव्यापी अभियान, श्रमिकों को जागरूक कर रहा संगठन छत्तीसगढ़ प्रतिनिधिमंडल भी अभियान में सक्रिय, श्रमिकों के दस्तावेज पूरे करने के साथ निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं पीएफ-ईएसआईसी जागरूकता शिविरों पर जोर, देखिए खास खबर…

संवाद समृद्धि पथ छत्तीसगढ़ बिलासपुर बिल्हा:- भारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ वर्ष 1998 से रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों के हक, अधिकार और सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है। संगठन का उद्देश्य रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य से संघ द्वारा देशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।2003 में त्रिपक्षीय बैठक के माध्यम से उठाई श्रम कानूनों में संशोधन की मांगसंघ के अनुसार, वर्ष 2003 में तत्कालीन श्रम मंत्री डॉ. साहिब सिंह वर्मा के नेतृत्व में रेल मंत्रालय, श्रम मंत्रालय और श्रमिक संघ के बीच हुई त्रिपक्षीय बैठक में संगठन ने श्रम कानूनों में संशोधन की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया था। संगठन का कहना था कि औपनिवेशिक काल से चली आ रही श्रम व्यवस्था में बदलाव कर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी न्याय, सुरक्षा और उनके अधिकारों का लाभ मिलना चाहिए, ताकि उन्हें शोषणकारी परिस्थितियों से मुक्ति मिल सके।2018 में नए श्रम कानूनों में श्रमिकों के हितों को शामिल कराने का दावासंघ ने बताया कि वर्ष 2018 में तत्कालीन श्रम मंत्री संतोष गंगवार के साथ लगातार बैठकों के माध्यम से रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के अधिकारों और सुविधाओं का विषय उठाया गया। संगठन का दावा है कि सरकार के साथ संवाद और लंबे संघर्ष के परिणामस्वरूप रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के हितों को नए श्रम कानूनों की प्रक्रिया में स्थान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली।संघ का लक्ष्य है कि रेलवे माल गोदामों में काम करने वाले श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक के साथ भविष्य निधि (पीएफ), कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी), स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य लागू सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सके।कॉरपोरेशन बनाने का प्रस्ताव सरकार के समक्ष रखारेलवे माल गोदामों में कामकाज को अधिक व्यवस्थित बनाने और रेलवे की माल ढुलाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से संघ ने 9 अक्टूबर 2024 को केंद्रीय श्रम मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के नेतृत्व में आयोजित त्रिपक्षीय बैठक में कॉरपोरेशन बनाने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया।संगठन के अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य रेलवे माल गोदामों में 24 घंटे कामकाज को सुचारू रूप से संचालित करना, माल वाहकों की प्रतीक्षा अवधि कम करना, वेटिंग चार्ज और डैमेज चार्ज जैसी समस्याओं को कम करना तथा श्रमिकों को उचित पीस रेट के आधार पर भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था विकसित करना है।संघ ने सरकार के समक्ष एक विस्तृत रिपोर्ट भी प्रस्तुत की, जिसमें रेलवे माल गोदामों की मौजूदा कार्यप्रणाली, श्रमिकों की समस्याओं, माल वाहकों की कठिनाइयों और माल ढुलाई को बढ़ावा देने के उपायों का उल्लेख किया गया।संघ का कहना है कि इसके बाद श्रम मंत्रालय के माध्यम से देशभर के रेलवे माल गोदामों की कार्यस्थितियों, श्रमिकों की समस्याओं और माल परिवहन से जुड़ी चुनौतियों का सत्यापन कराया गया तथा संबंधित विषयों पर रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।राष्ट्रीय महामंत्री के राष्ट्रव्यापी दौरे का उद्देश्यभारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ के राष्ट्रीय महामंत्री का राष्ट्रव्यापी दौरा श्रमिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और भविष्य की कार्ययोजना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।इस दौरे के प्रमुख उद्देश्य हैं:1. रेलवे माल गोदाम श्रमिकों को लागू श्रम कानूनों के तहत उनके अधिकारों और सुविधाओं की जानकारी देना।2. श्रमिकों के आवश्यक दस्तावेज पूरे कराने में सहायता करना।3. पीएफ और ईएसआईसी से संबंधित योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना।4. रेलवे माल गोदामों में तीन शिफ्टों में कामकाज की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों का शिफ्टवार डेटा तैयार करना।5. प्रत्येक रेलवे माल गोदाम में कामकाज को व्यवस्थित और सुचारू बनाने के लिए आवश्यक जानकारी एकत्र करना।6. श्रमिकों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाना।निःशुल्क मेडिकल जांच और पीएफ-ईएसआईसी जागरूकता शिविरसंघ द्वारा देश के विभिन्न राज्यों और जिलों में रेलवे माल गोदाम श्रमिकों के लिए निःशुल्क मेडिकल जांच शिविर आयोजित कराने तथा पीएफ एवं ईएसआईसी के संबंध में जागरूकता फैलाने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।संगठन का उद्देश्य है कि श्रमिक नियमित स्वास्थ्य जांच कराकर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें और पात्रता के अनुसार उपलब्ध सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ उठा सकें। भविष्य में यदि रेलवे माल गोदामों में तीन शिफ्टों में कामकाज की व्यवस्था लागू होती है, तो इसके लिए श्रमिकों का स्वास्थ्य संबंधी रिकॉर्ड और आवश्यक दस्तावेज व्यवस्थित रखना भी महत्वपूर्ण होगा।श्रमिकों के सम्मानजनक भविष्य के लिए प्रयास जारीभारतीय रेलवे माल गोदाम श्रमिक संघ का कहना है कि रेलवे की माल ढुलाई व्यवस्था को मजबूत बनाने में माल गोदाम श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि श्रमिकों को उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और बेहतर कार्य परिस्थितियां मिलती हैं, तो इससे श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार के साथ रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।संगठन ने श्रमिकों को जागरूक करने, उनके दस्तावेज व्यवस्थित कराने, स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित कराने और सरकार के समक्ष उनकी समस्याओं को उठाने के प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई है। संघ का लक्ष्य है कि रेलवे माल गोदामों में कार्यरत श्रमिकों को उनका उचित हक और सम्मान मिले तथा रेलवे की माल ढुलाई व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुचारू बन सके।

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