सेजेस स्कूल बेमेतरा के छात्र ओम साहू की कला को सलाम देखकर गांव वाले भी रह गए दंग, देखिए खास खबर

संवाद समृद्धि पथ विजय कुमार देशलहरे छत्तीसगढ़ बेमेतरा मजगांव :- दशहरा पर्व पर बुराई के प्रतीक रावण दहन की परंपरा सदियों से चली आ रही है। बड़े-बड़े मैदानों में विशाल रावण के पुतले बनाए जाते हैं, लेकिन ग्राम मजगांव के 11 वर्षीय ओम साहू ने इस परंपरा को अपने अनोखे अंदाज में जीवित रखा है।
ओम साहू, कक्षा 6वीं, सेजेस स्कूल बेमेतरा का छात्र है और पिता सोनू साहू, निवासी मजगांव के सुपुत्र हैं। वह पिछले लगातार 5 वर्षों से अपने हाथों से रावण का पुतला बनाकर उसका दहन करता आ रहा है।
सबसे बड़ी और प्रेरणादायक बात यह है कि रावण बनाने में न तो ओम किसी से मदद लेता है और न ही किसी को मदद करने देता है। वह कागज, गत्ता, रंग, कपड़ों और अपने हुनर से स्वयं ही रावण का पूरा पुतला तैयार करता है, जिसमें मुकुट, तलवार, ढाल और परिधान तक वह खुद बनाता है।
इस संबंध में ओम के पिता सोनू साहू ने बड़े हर्ष के साथ बताया कि ओम बचपन से ही रचनात्मक कार्यों में रुचि रखता है। हर साल दशहरा आने से कई दिन पहले से वह अपनी तैयारी शुरू कर देता है और पूरी लगन के साथ अपना रावण तैयार करता है। बिना किसी बाहरी सहायता के उसकी यह कला देखकर परिवार सहित पूरे गांव को गर्व होता है।
आज के दौर में जहां बच्चे मोबाइल और टीवी तक सीमित होते जा रहे हैं, वहीं ओम जैसे बच्चे भारतीय संस्कृति, कला और आत्मनिर्भरता की सच्ची मिसाल पेश कर रहे हैं। नन्हे ओम की इस प्रतिभा की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है।
इस वर्ष रावण दहन के अवसर पर ओम साहू के साथ येनीश, अनीश, केशव, पद्मिनी, यामिनी, राधा, हेमा आदि बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।


