गुरुदर्शन एवं सतनाम संदेश यात्रा में दिखी युवा शक्ति, एकजुटता और सामाजिक चेतना चटुवापुरी धाम पहुंचकर युवाओं ने बाबा गुरु घासीदास जी के चरणों में टेका माथा, समाज की एकता, भाईचारे और उन्नति का लिया संकल्प , देखिए खास खबर…


आनंद टंडन संवाद समृद्धि पथ बेमेतरा
बेमेतरा :- जय सतनाम के जयघोष के साथ जिला बेमेतरा युवा सतनामी समाज के साथियों द्वारा एक दिवसीय गुरुदर्शन एवं सतनाम संदेश यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में जिला युवा सतनामी समाज के युवाओं के साथ वरिष्ठ एवं प्रमुख सामाजिकजनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सभी चटुवापुरी धाम पहुंचकर परम पूज्य संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी के दर्शन एवं पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि और उन्नति की कामना की।इस अवसर पर युवाओं ने समाज की एकता, भाईचारा, सामाजिक समरसता एवं विकास को मजबूत करने का संकल्प लिया। साथ ही समाजहित में सदैव एकजुट होकर आगे बढ़ने और सामाजिक उत्थान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।*संघर्ष, एकता और सतनाम की पहचान*सतनामी समाज छत्तीसगढ़ का एक विशाल एवं संघर्षशील समाज है, जिसकी एकता और सामाजिक चेतना की पहचान प्रदेशभर में रही है। परम पूज्य बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, समानता, मानवता और सदाचार के संदेशों को आत्मसात करते हुए समाज निरंतर सामाजिक, शैक्षणिक, आध्यात्मिक और आर्थिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।समाज की युवा शक्ति को नई दिशा देने में बुजुर्गों का स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वहीं युवाओं की ऊर्जा, सक्रियता और सामाजिक सरोकार समाज के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान कर रहे हैं।सतनामी समाज की श्वेत पोशाक, सादगीपूर्ण जीवनशैली, सतनाम की वाणी और पंथी भजन आज भी बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम हैं। यही परंपरा मानव समाज में समानता, सद्भाव और सामाजिक जागरण की नई चेतना का संदेश देती है।“मनखे-मनखे एक बरोबर” के मूल संदेश को आत्मसात करते हुए युवा शक्ति ने समाज को शिक्षा, एकता और विकास के पथ पर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
