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सेवा संकल्प अभियान के तहत जेवरी स्कूल के विद्यार्थियों ने अमोरा जल उपचार संयंत्र का किया शैक्षणिक भ्रमण , देखिए खास खबर…

बेमेतरा :- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, बेमेतरा द्वारा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, जेवरी के विद्यार्थियों के लिए अमोरा स्थित एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना एवं जल उपचार संयंत्र का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति, जल उपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा जल स्रोतों की सतत उपलब्धता एवं संरक्षण के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।भ्रमण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत किया तथा उन्हें एकल ग्राम नल जल प्रदाय योजना की कार्यप्रणाली और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों तक सुरक्षित एवं स्वच्छ पेयजल पहुंचाने में विभाग की भूमिका की जानकारी दी।*जल उपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया को करीब से समझा*विद्यार्थियों को जल उपचार संयंत्र में जल शुद्धिकरण की विभिन्न प्रक्रियाओं का विस्तारपूर्वक अवलोकन कराया गया। इस दौरान कच्चे जल के संग्रहण से लेकर *स्कंदन (Coagulation), फ्लोक्युलेशन (Flocculation), अवसादन (Sedimentation), निस्यंदन (Filtration) एवं विसंक्रमण (Disinfection)* जैसी प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।विद्यार्थियों ने समझा कि वैज्ञानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से जल का उपचार कर उसे पेयजल के लिए सुरक्षित एवं उपयुक्त बनाया जाता है। साथ ही जल उपचार संयंत्र की विभिन्न इकाइयों की कार्यप्रणाली एवं पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने में उनकी भूमिका के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।*फील्ड टेस्ट किट से जल गुणवत्ता परीक्षण का प्रदर्शन*शैक्षणिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता परीक्षण की व्यावहारिक जानकारी दी गई। उन्हें जल का नमूना लेने तथा विभिन्न गुणवत्ता मानकों की जांच करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन कराया गया।इस दौरान विद्यार्थियों ने जाना कि सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण क्यों आवश्यक है तथा दूषित जल से होने वाली बीमारियों की रोकथाम में जल परीक्षण की क्या भूमिका है।*जल स्रोतों की सतत उपलब्धता एवं संरक्षण पर दिया जोर*अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी नल जल प्रदाय योजना की दीर्घकालीन सफलता केवल जल उपचार एवं वितरण व्यवस्था पर निर्भर नहीं करती, बल्कि जल स्रोत की पर्याप्तता, विश्वसनीयता एवं सतत उपलब्धता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।विद्यार्थियों को *भूजल पुनर्भरण, वर्षा जल संचयन, जलागम क्षेत्र प्रबंधन, तालाबों एवं प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण तथा भूजल के संतुलित दोहन* के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही जल संरक्षण में जनभागीदारी की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया गया।*जल की हर बूंद बचाने का दिया संदेश*भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को जल के महत्व से अवगत कराते हुए जल के अपव्यय को रोकने, जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और दैनिक जीवन में जल संरक्षण के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों से अपने परिवार एवं ग्राम समुदाय में *सुरक्षित पेयजल, जल गुणवत्ता परीक्षण, वर्षा जल संचयन एवं जल स्रोतों के संरक्षण* के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया।*व्यावहारिक ज्ञान से समृद्ध हुआ विद्यार्थियों का अनुभव*शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी अनुभव रहा। विद्यार्थियों को कक्षा में प्राप्त सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक जीवन में लागू होने वाली वैज्ञानिक एवं तकनीकी प्रक्रियाओं से जोड़ने का अवसर मिला।लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की यह पहल विद्यार्थियों में *वैज्ञानिक दृष्टिकोण, पर्यावरणीय जिम्मेदारी एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता* विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम रही। भ्रमण के समापन पर विद्यार्थियों को सुरक्षित पेयजल, जल स्रोतों के संरक्षण एवं जल संवर्धन का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

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