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सेजस चैतमा में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान, 500 विद्यार्थियों ने लिया नशामुक्ति का सामूहिक संकल्प‘मेरी सेहत, मेरा गर्व’ थीम पर 5 किलोमीटर हेल्थ वॉक/रन का आयोजन, नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान के जरिए दिया नशामुक्ति का संदेश

संवाद समृद्धि पथ (गंगा प्रसाद मल्होत्रा संभाग बिलासपुर छत्तीसगढ़ ) चैतमा। भारत सरकार के राष्ट्रीय सेवा योजना क्षेत्रीय निदेशालय भोपाल तथा छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश राष्ट्रीय सेवा योजना के निर्देशानुसार स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय (सेजस) चैतमा में राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की थीम ‘मेरी सेहत, मेरा गर्व’ रखी गई। अभियान के दौरान विद्यार्थियों, रासेयो स्वयंसेवकों, युवाओं, पंचायत प्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों एवं ग्रामीणों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में लगभग 500 विद्यार्थियों एवं रासेयो वॉलंटियर्स ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत कोरबा के अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को सामूहिक रूप से नशामुक्त जीवन जीने तथा दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान, नुक्कड़ नाटक तथा नशामुक्त भारत से संबंधित स्लोगन के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

सेजस चैतमा से निकली 5 किलोमीटर हेल्थ वॉक/रन

अभियान के तहत सेजस चैतमा परिसर से 5 किलोमीटर हेल्थ वॉक/रन का आयोजन किया गया। यह वॉक/रन गांधी बाग, महामाया मंदिर, ग्राम पंचायत भारत भवन होते हुए ग्राम पंचायत चैतमा तक आयोजित की गई। विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने हाथों में नशामुक्ति संबंधी संदेश एवं स्लोगन लेकर लोगों को स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।

आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में शारीरिक फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सामाजिक जुड़ाव तथा नशामुक्त जीवन के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है। दौड़ एवं खेलकूद जैसी गतिविधियों को युवाओं के लिए स्वस्थ एवं सकारात्मक गतिविधियों के रूप में प्रोत्साहित किया गया।

‘युवा शक्ति राष्ट्र का आधारस्तंभ’—डॉ. पवन सिंह

मुख्य अतिथि डॉ. पवन सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत कोरबा ने अपने संबोधन में कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र का आधारस्तंभ होती है। यदि देश का युवा स्वस्थ, जागरूक और अनुशासित हो तो वह राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्परिणामों से युवाओं को बचाने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि ‘मेरी सेहत, मेरा गर्व’ केवल एक संदेश नहीं, बल्कि युवाओं को अपनी सेहत के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। हेल्थ वॉक/रन जैसी गतिविधियां युवाओं को फिटनेस के साथ-साथ अनुशासन और सकारात्मक सोच की ओर प्रेरित करती हैं।

माया रूपेश कंवर ने स्वास्थ्य को बताया सबसे बड़ी संपत्ति

अति विशिष्ट अतिथि माया रूपेश कंवर, जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति कोरबा ने कहा कि ‘मेरी सेहत, मेरा गर्व’ का मूल भाव यही है कि व्यक्ति के लिए उसका स्वास्थ्य सबसे बड़ी संपत्ति है। स्वस्थ व्यक्ति अपने परिवार और समाज के लिए भी सकारात्मक ऊर्जा का माध्यम बनता है। उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने का आह्वान किया।

दौड़ और खेलकूद नशे का स्वस्थ विकल्प—सुकालू प्रजापति

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री सुकालू प्रजापति, अध्यक्ष शाला विकास समिति सेजस चैतमा ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने के लिए इस प्रकार के आयोजन प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि दौड़, खेलकूद और अन्य रचनात्मक गतिविधियां युवाओं को नशे से दूर रखते हुए उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य निर्धारण की भावना विकसित करती हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के निर्माण में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है और स्वस्थ युवा ही देश के विकास में प्रभावी योगदान दे सकता है।

स्वस्थ मानव संसाधन से ही विकसित भारत का सपना होगा साकार—चंद्राणी सोम

विद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षक चंद्राणी सोम ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य तभी सार्थक होगा, जब देश का मानव संसाधन स्वस्थ, शिक्षित, जागरूक और कार्यकुशल हो। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल, कौशल विकास और सकारात्मक गतिविधियों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

नुक्कड़ नाटक और हस्ताक्षर अभियान बना आकर्षण

कार्यक्रम के दौरान रासेयो स्वयंसेवकों द्वारा नशामुक्ति पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से नशे के सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए युवाओं को इससे दूर रहने का संदेश दिया गया। वहीं हस्ताक्षर अभियान में विद्यार्थियों, ग्रामीणों एवं उपस्थित लोगों ने सहभागिता कर नशामुक्त समाज निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि श्री राजलाल सिन्द्राम, सरपंच, अमरनाथ कैवर्त, पूर्व एसएमडीसी अध्यक्ष चैतमा, सी.पी. जायसवाल, पत्रकार, विद्यालय के प्राचार्य शीतल शर्मा, संरक्षक चंद्राणी सोम, रासेयो कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र कुमार बंजारे, पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य, युवा, ग्रामीणजन एवं शाला विकास समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में व्याख्याता सी. नेताम, विजेता चतुर्वेदी, भागीरथी श्रीवास, राखी विंधराज, पार्वती राम, विभा तांडे, संजीव जायसवाल, मुक्तेश्वर महिपाल, आशीष उपाध्याय, चंद्रमुखी साहू, मुरारी धीवर, कुश बघेल, देवानंद सहित विद्यालय परिवार एवं रासेयो स्वयंसेवकों का सहयोग रहा।

कार्यक्रम के आयोजन एवं मार्गदर्शन में डॉ. मनोज सिन्हा, समन्वयक रासेयो, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर की भूमिका भी उल्लेखित की गई। आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही तथा लोगों ने नशामुक्ति एवं स्वस्थ जीवनशैली को लेकर चलाए गए अभियान की सराहना की।

संदेश साफ—स्वस्थ युवा, नशामुक्त समाज और विकसित भारत

चैतमा में आयोजित यह अभियान विद्यार्थियों और युवाओं को केवल नशे से दूर रहने का संदेश देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि स्वास्थ्य, फिटनेस, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा देने का प्रयास भी रहा। हेल्थ वॉक/रन, सामूहिक शपथ, हस्ताक्षर अभियान और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया गया। आयोजकों ने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।

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