लांजी में गूंजे माता रानी के जयकारे, विधि-विधान से हुई दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापनानगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक नवरात्र की धूम, आकर्षक विद्युत सज्जा से जगमगाए पंडाल और मंदिर; प्रथम दिन से ही दर्शन-पूजन के लिए उमड़े श्रद्धालु


लांजी में गूंजे माता रानी के जयकारे, विधि-विधान से हुई दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापनानगर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक नवरात्र की धूम, आकर्षक विद्युत सज्जा से जगमगाए पंडाल और मंदिर; प्रथम दिन से ही दर्शन-पूजन के लिए उमड़े श्रद्धालु

संवाद समृद्धि पथ पवन कश्यप बालाघाट जिला ब्यूरो चीफ

लांजी। शारदीय नवरात्र पर्व का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर को लांजी नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुआ। नवरात्र के प्रथम दिन विभिन्न दुर्गा पंडालों में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं की स्थापना की गई। प्रतिमा स्थापना के साथ ही नगर और गांवों का वातावरण भक्तिमय हो गया। चारों ओर माता रानी के जयकारे गूंजने लगे और श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन-पूजन के लिए पंडालों एवं मंदिरों में पहुंचने लगे।नवरात्र को लेकर पिछले कई दिनों से दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा तैयारियां की जा रही थीं। नगर के प्रमुख चौक-चौराहों, मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों में आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं। कहीं रंग-बिरंगी रोशनी से पंडालों को सजाया गया है, तो कहीं मां दुर्गा की भव्य प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। माता रानी की स्थापना के साथ ही दुर्गा उत्सव का उल्लास चरम पर पहुंचने लगा है। घरों में भी घट स्थापना, पूजा-अर्चना और माता रानी के जयकारों के साथ भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है।

नगर के प्रमुख स्थानों पर विराजित हुईं माता रानीलांजी नगर में गुजरी चौक, सालेटेकरी रोड, बस स्टैंड, सुभाष चौक, सुंदरटोला, नीमटोला, बिसोनी, मजार कॉलोनी, मनेरी फाटक, पूर्वटोला सहित अनेक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। विभिन्न दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा अपने-अपने पंडालों को आकर्षक रूप दिया गया है। पंडालों में पूजा-अर्चना के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रतिमा स्थापना के बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के समक्ष माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।नगर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। नवरात्र के नौ दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। शाम के समय पूजा-अर्चना और आरती के दौरान पंडालों में भक्तों की उपस्थिति बढ़ने की उम्मीद है।मंदिरों में विशेष साज-सज्जा, प्रथम दिन से लगा भक्तों का तांतानवरात्र पर्व को देखते हुए नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख देवी मंदिरों में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। वारी पांडरी पाठ माता मंदिर, मंडई टेकरी काली मंदिर, लंजकाई मंदिर, शीतला मंदिर, मरार मोहल्ला दुर्गा मंदिर, नीमटोला दुर्गा मंदिर, बिसोनी दुर्गा मंदिर, बिसोनी शीतला माता मंदिर तथा दक्षिणी दखनीटोला शीतला माता मंदिर सहित विभिन्न मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है।

मंदिर परिसरों में साफ-सफाई और सजावट के साथ श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की व्यवस्थाएं की गई हैं। नवरात्र के पहले दिन ही मंदिरों में भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालु सुबह से ही माता रानी के दर्शन करने पहुंचे और पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। देवी मंदिरों में धार्मिक आस्था और भक्ति का विशेष वातावरण देखने को मिला।ग्रामीण अंचलों में भी नवरात्र की रौनकलांजी नगर के साथ-साथ आसपास के गांवों में भी नवरात्र पर्व को लेकर उत्साह दिखाई दे रहा है। ग्राम बिसोनी सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में माता दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। गांवों में दुर्गा उत्सव समितियों और श्रद्धालुओं द्वारा मिलकर पंडालों की सजावट तथा धार्मिक आयोजनों की तैयारियां की गई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मां दुर्गा की आराधना के साथ नवरात्र पर्व की शुरुआत हुई।नवरात्र का यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक है। पंडालों के निर्माण से लेकर प्रतिमा स्थापना और पूजा की व्यवस्थाओं तक स्थानीय लोगों की भागीदारी देखने को मिल रही है। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी इस पर्व में उत्साहपूर्वक शामिल हो रहे हैं।नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा की आराधनानवरात्र के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाएगी।

श्रद्धालु व्रत रखकर, पूजा-पाठ कर और आरती में शामिल होकर माता रानी की आराधना करेंगे। दुर्गा पंडालों और मंदिरों में धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से पूरे क्षेत्र में भक्ति का वातावरण बना रहेगा। श्रद्धालुओं को अब आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों और माता रानी के दर्शन का इंतजार है।नवरात्र के प्रथम दिन लांजी नगर सहित ग्रामीण अंचलों में जिस प्रकार श्रद्धा और उत्साह के साथ माता रानी की प्रतिमाओं की स्थापना की गई, उससे पूरे क्षेत्र में पर्व की रौनक दिखाई देने लगी है। घरों से लेकर मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों तक मां दुर्गा के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं में मां दुर्गा के प्रति अटूट आस्था और भक्ति का भाव नजर आ रहा है।
