लांजी के कोटेश्वर मंदिर में प्रसाद दुकानदारों के बीच फिर विवाद, गाली-गलौज के बाद पहुंची पुलिसपूर्व विवाद के बाद एसडीएम के आदेश से 200 मीटर दूर कराई गई थीं दुकानें, विधायक की पहल पर मंदिर के सामने एक कतार में बैठने की दी गई थी अनुमति

लांजी के कोटेश्वर मंदिर में प्रसाद दुकानदारों के बीच फिर विवाद, गाली-गलौज के बाद पहुंची पुलिसपूर्व विवाद के बाद एसडीएम के आदेश से 200 मीटर दूर कराई गई थीं दुकानें, विधायक की पहल पर मंदिर के सामने एक कतार में बैठने की दी गई थी अनुमति

लांजी। नगर के प्रसिद्ध कोटेश्वर मंदिर परिसर में प्रसाद सामग्री बेचने वाले दुकानदारों के बीच एक बार फिर विवाद की स्थिति सामने आई। शनिवार, 3 अक्टूबर की सुबह प्रसाद सामग्री की दुकान लगाने को लेकर दुकानदारों के बीच कहासुनी और कथित गाली-गलौज होने की सूचना मिली। विवाद बढ़ने की जानकारी मिलने पर नगर परिषद का अमला मौके पर पहुंचा और बाद में लांजी पुलिस ने भी पहुंचकर स्थिति को शांत कराया।प्राप्त जानकारी के अनुसार कोटेश्वर मंदिर के सामने प्रसाद सामग्री की दुकान लगाने वाले दुकानदारों के बीच पूर्व में भी दुकान लगाने को लेकर विवाद की स्थिति बन चुकी थी। उस दौरान दुकानदारों के बीच गाली-गलौज और आपसी विवाद की शिकायतें लगातार सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लिया गया था।बताया जाता है कि पूर्व की परिस्थितियों को देखते हुए लांजी एसडीएम द्वारा आदेश जारी कर कोटेश्वर मंदिर में संचालित प्रसाद सामग्री की दुकानों को मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद नगर परिषद द्वारा उक्त आदेश का पालन करते हुए प्रसाद सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर स्थान उपलब्ध कराया गया।

हालांकि दुकानदारों का कहना था कि निर्धारित स्थान पर उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। दुकान लगाने के लिए पर्याप्त एवं व्यवस्थित व्यवस्था नहीं होने के साथ-साथ धूप और बारिश के दौरान भी उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही थी। दुकानदारों की समस्याओं को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे ने मामले में हस्तक्षेप किया।विधायक की पहल के बाद प्रसाद सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को मंदिर के सामने एक कतार में व्यवस्थित तरीके से दुकान लगाने की अनुमति दी गई। दुकानदारों को स्पष्ट रूप से समझाइश दी गई कि मंदिर के सामने दुकान लगाने के दौरान आपसी विवाद, गाली-गलौज अथवा किसी प्रकार की अशांति की स्थिति निर्मित नहीं की जाए।इसके बाद दुकानदारों ने विधायक की समझाइश को स्वीकार करते हुए मंदिर के सामने निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अपनी दुकानें लगाईं। बताया गया कि दुकानदारों को चिट्ठी/पर्ची के माध्यम से क्रमांक दिए गए और उसी क्रम के अनुसार उन्हें एक कतार में बैठाया गया, ताकि दुकानों को लेकर आपसी विवाद की स्थिति न बने और मंदिर के सामने व्यवस्था भी बनी रहे।शनिवार सुबह फिर बिगड़ी स्थितिबताया गया कि 3 अक्टूबर की सुबह प्रसाद सामग्री बेचने वाली एक महिला दुकानदार ने निर्धारित व्यवस्था का पालन नहीं करते हुए मंदिर के द्वार के सामने दुकान लगाने का प्रयास किया। इसको लेकर अन्य दुकानदारों ने आपत्ति जताई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई।

मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार महिला दुकानदार द्वारा अन्य दुकानदारों के साथ कथित रूप से गाली-गलौज किए जाने के बाद मामला और गरमा गया। विवाद की जानकारी मौके पर मौजूद लोगों द्वारा क्षेत्रीय विधायक राजकुमार कर्राहे को दी गई।जानकारी मिलने के बाद विधायक की ओर से नगर परिषद के अमले को मौके पर भेजा गया। नगर परिषद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर मंदिर के द्वार के सामने लगाई गई दुकान को हटवाया और दुकानदारों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार दुकान लगाने की समझाइश दी।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कराया मामला शांतदुकान हटाए जाने के बाद भी कुछ समय तक विवाद की स्थिति बनी रही। मामले की सूचना लांजी पुलिस को मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और दोनों पक्षों को समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।पुलिस एवं नगर परिषद के अधिकारियों द्वारा संबंधित महिला दुकानदार को समझाइश दी गई कि मंदिर के सामने निर्धारित व्यवस्था का पालन किया जाए और अन्य दुकानदारों के साथ किसी भी प्रकार का विवाद या गाली-गलौज नहीं किया जाए।मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार संबंधित महिला को यह भी चेतावनी दी गई कि यदि भविष्य में दोबारा इस प्रकार की स्थिति निर्मित होती है और निर्धारित व्यवस्था का उल्लंघन किया जाता है, तो उसकी दुकान को मंदिर के सामने से हटाकर पुनः मंदिर से 200 मीटर की दूरी पर किए जाने की कार्रवाई की जा सकती है।व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और दुकानदारों की साझा जिम्मेदारीकोटेश्वर मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। ऐसे में मंदिर के प्रवेश द्वार के सामने दुकान लगाने को लेकर विवाद की स्थिति बनने से श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्व में सामने आई शिकायतों के बाद प्रशासन द्वारा दुकानों को व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया था।अब एक बार फिर विवाद सामने आने के बाद आवश्यकता इस बात की है कि मंदिर परिसर के सामने दुकान लगाने वाले सभी दुकानदार निर्धारित स्थान, क्रमांक और नियमों का पालन करें। वहीं प्रशासन एवं नगर परिषद की ओर से भी दुकानदारों की समस्याओं का स्थायी एवं व्यवस्थित समाधान किया जाए, ताकि प्रसाद विक्रेताओं को रोजगार के लिए उचित स्थान मिल सके और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।फिलहाल पुलिस और नगर परिषद की समझाइश के बाद मौके की स्थिति शांत बताई जा रही है। भविष्य में इस प्रकार की स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए प्रशासन द्वारा व्यवस्था पर नजर रखे जाने की आवश्यकता है।


