काउंसलिंग रद्द, स्कूल आवंटन का इंतजार! आखिर कब मिलेगा आदिवासी छात्रों को पढ़ाई का अधिकार?मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के चयनित छात्रों की पढ़ाई पर संकट, एक महीने से ज्यादा समय बीता; पालक बोले-बच्चों का भविष्य अधर में, शासन-प्रशासन कब लेगा सुध?


संवाद समृद्धि पथ बेमेतरा
बेमेतरा / मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं जनजाति विद्यार्थी उत्कर्ष योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों की काउंसलिंग और स्कूल आवंटन में देरी का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। छात्रों और पालकों ने जिला प्रशासन से लेकर शासन तक आवेदन देकर काउंसलिंग प्रक्रिया जल्द दोबारा शुरू करने और स्कूल आवंटित करने की मांग की है।आवेदन के मुताबिक, योजना के तहत चयनित विद्यार्थियों की काउंसलिंग 14 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी, लेकिन बाद में किसी कारण से इसे निरस्त कर दिया गया। इसके बाद एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक काउंसलिंग दोबारा आयोजित नहीं की गई और न ही चयनित विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित हो सके हैं।सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब विद्यार्थियों का चयन हो चुका है, तो फिर काउंसलिंग और स्कूल आवंटन में इतनी देरी क्यों?पालकों का कहना है कि बच्चे आगामी शैक्षणिक प्रक्रिया की तैयारी के इंतजार में हैं। स्कूल आवंटन नहीं होने के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और शैक्षणिक भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। वहीं, दूसरे विद्यार्थियों के साथ शैक्षणिक रूप से सामंजस्य बैठाने में भी परेशानी हो सकती है।आवेदन में मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग, जिला कलेक्टर और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के अधिकारियों से शीघ्र काउंसलिंग कराकर चयनित विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित करने की मांग की गई है।*अब सवाल शासन-प्रशासन से*जब विद्यार्थियों का चयन हो चुका है, तो काउंसलिंग दोबारा कराने में देरी क्यों?बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, तो जिम्मेदारी किसकी है?क्या चयनित विद्यार्थियों को उनके भविष्य की चिंता में यूं ही इंतजार करना पड़ेगा?और आखिर कब तक स्कूल आवंटन की प्रक्रिया पूरी होगी?फिलहाल छात्रों और पालकों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
