Chhattisgarh

बालाजी पावर एंड इस्पात प्लांट को पर्यावरण मंडल का नोटिस,15 दिन में जवाब तलब,देखिए खास खबर…

बेमेतरा :-छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, भिलाई ने बेमेतरा जिले के नवागढ़ तहसील स्थित मुड़पार-रामपुर गांव में संचालित मेसर्स बालाजी पावर एंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (पूर्व नाम – वीएपी इस्पात) को वायु प्रदूषण अधिनियम 1981 की धारा 31’A’ के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।उल्लेखनीय है कि समाचार पत्रों में उक्त उद्योग द्वारा प्रदूषण फैलाने की प्राप्त शिकायत के आधार पर 24 अक्टूबर 2026 को पर्यावरण मंडल के अधिकारियों ने प्लांट का निरीक्षण किया था।निरीक्षण में मिली 7 बड़ी खामियां -पर्यावरण संरक्षण मंडल के निरीक्षण में 07 बड़ी खामियां मिली है जो इस प्रकार है 2×350 TPD के दोनों स्पंज आयरन किल्न की साझा चिमनी से भारी मात्रा में धुएं का उत्सर्जन हो रहा है। दोनों किल्न के कूलर डिस्चार्ज पॉइंट पर भारी फ्यूजिटिव (खुला) उत्सर्जन, किल्न नंबर 2 के प्रोडक्ट सेपरेशन बिल्डिंग से धूल उड़ना, बैग फिल्टर की डस्ट कूलर के पास, I-बीम एरिया और दोनों सेपरेशन बिल्डिंग में जमा मिली। इसी प्रकार चिमनी पर लगा OCEMS (ऑनलाइन कंटीन्यूअस एमिशन मॉनिटरिंग सिस्टम) का डेटा अपडेट नहीं मिला। प्लांट के अंदर की सड़कों पर धूल की मोटी परत, पानी छिड़काव की व्यवस्था नदारद, वाहनों के चलने से धूल उड़ रही थी। प्लांट के अंदर हाउसकीपिंग / साफ-सफाई संतोषजनक नहीं पाई गई।मंडल ने कहा है कि यह वायु अधिनियम 1981 की धारा 21 के तहत दी गई सम्मति की शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है।पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाने के निर्देशनोटिस में 8 बिंदुओं पर निर्देश प्रस्तावित किए किया गया है। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण यंत्रों को तत्काल ठीक कर उत्सर्जन को मानक के भीतर लायाजाये। फ्यूजिटिव उत्सर्जन पर तुरंत रोक लगाया जाए। इसी प्रकार बैग फिल्टर सिस्टम चालू करने,जमा डस्ट को वैज्ञानिक तरीके से हटाना और स्टोर करने, आंतरिक सड़कों की नियमित सफाई और जल छिड़काव करने, ठोस कचरे का उचित निपटान और हाउसकीपिंग सुधार करने निर्देशित किया गया है।उक्त उल्लंघनों के लिए उद्योग पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति,लगाया जाएगा 15 दिन का अल्टीमेटम, नहीं तो प्रतिदिन 30 हजार की दर से होगी जुर्माने की कार्रवाईक्षेत्रीय पर्यावरण अधकारी, पर्यावरण संरक्षण मंडल, भिलाई ने उद्योग को नोटिस मिलने के 15 दिन के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया है। जवाब नहीं मिलने पर बिना किसी अन्य सूचना के निर्देश को अंतिम (Confirm) मान लिया जाएगा और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण)अधिनियम 1981 की धारा 37 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उद्योग पर प्रति दिवस 30 हज़ार रूपये की दर से जुर्माना लगाया जाएगा।

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